जेहाद !!

Feel so pained and ANGRY..

Merciless killing of our soldiers by a lunatic in name of Jehad and Jannat. Cant help but say this to them and their supporters: ROT ETERNALLY IN HELL..

जेहाद के नाम पर ये खून बहाने वाले

कैसी है इनकी वहशत, ये कैसा जूनून है?

 

जन्नत के नाम पर मासूमों के ये क़ातिल ,

सर पे जिनके जाने कितनों का खून है !

 

फुर्सत मिले तो जा कर के ज़रा इनसे पूछना ,

दोज़ख़ में उनकी रूह को कितना सुकून है !!

रौशनी !!

मैं अंधेरों उजालों में तुझको ढूंढ़ता हूँ,

आवाज़ दे मुझे तू ए ज़िन्दगी कहाँ है !

तारीकियों में डूबी हर एक शै है जैसे ,

चराग़ तो रोशन है मग़र रौशनी कहाँ है !!

 

रंजिश !!

ख़ुद की भी ना रहे ख़बर , यों बेहोश हो जाएं ,

चलो मयखाने में जा कर ज़रा मदहोश हो जाएं !

यों लड़ते लड़ते थक चुके, अब छोड़ कर रंजिश ,

चलो मयखाने में जा कर के फिर से दोस्त हो जाएं !!