क़सूर !!

क्यों जाने उसको देख कर वो हो गया ख़फा ,

किस बात का ना जाने उसको ग़रूर था !

बेख़ुदी में समंदर को आशियाना कर लिया .

कागज़ की कश्ती का बस इतना क़सूर था !!

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